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बिहार की इस सरकारी ट्रेनिंग में सीखें हुनर, पाएं ₹1,000 महीना और भी बहुत कुछ: 5 बातें जो आपको जाननी चाहिए

Introduction: From Passion to Profession
क्या आप बिहार राज्य से हैं और हस्तशिल्प में रुचि रखते हैं या इसे सीखना चाहते हैं? अगर हाँ, तो उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, पटना आपके लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है। संस्थान द्वारा जनवरी से जून, 2026 तक के लिए “बिहार शिल्प क्राफ्ट आर्ट ट्रेनिंग” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जो आपके कला के प्रति जुनून को एक पेशेवर हुनर में बदल सकता है। यह सिर्फ एक ट्रेनिंग नहीं, बल्कि बिहार की कलात्मक विरासत को अपना करियर बनाने का एक सरकारी रोडमैप है।
इस पोस्ट में, हम इस योजना के 5 सबसे महत्वपूर्ण और आश्चर्यजनक लाभों के बारे में विस्तार से जानेंगे जो आपको इसे चुनने के लिए प्रेरित करेंगे।
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1. यह सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, पेड-लर्निंग है (It’s Not Just Training, It’s Paid Learning)
इस कार्यक्रम की सबसे आकर्षक विशेषताओं में से एक यह है कि यह पूरी तरह से मुफ़्त होने के साथ-साथ आपको सीखने के लिए भुगतान भी करता है। चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान हर महीने 1 हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
सोचिए, आपको अपना हुनर निखारने के लिए पैसे मिल रहे हैं – इससे बेहतर और क्या हो सकता है? इस पैसे से आप बिना किसी आर्थिक चिंता के पूरी तरह से अपनी कला सीखने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। यह इस बात का भी प्रमाण है कि सरकार आपके समय और प्रयास में निवेश कर रही है।
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2. 6 महीने का गहन प्रशिक्षण: आपको बनाया जाएगा एक्सपर्ट (6 Months of In-depth Training: You’ll Be Made an Expert)
यह कोई छोटा-मोटा वर्कशॉप नहीं है, बल्कि एक व्यापक 6 महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसे दो भागों में बांटा गया है ताकि आप अपनी चुनी हुई कला में माहिर बन सकें:
• पहले 03 महीने: विशेष प्रशिक्षण (Specialized Training)
• अगले 03 महीने: एडवांस्ड हस्तशिल्प कला में निपुणता (Advanced Proficiency)
यह संरचना सुनिश्चित करती है कि आप केवल कला नहीं सीखते, बल्कि बाज़ार के लिए तैयार होते हैं। पहले तीन महीने आपको एक ठोस कलाकार बनाते हैं, और अगले तीन महीने आपको एक पेशेवर बनाते हैं जो अपने हुनर से कमाई कर सकता है।
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3. पटना से बाहर के उम्मीदवारों के लिए विशेष वित्तीय सहायता (Special Financial Aid for Candidates from Outside Patna)
यह योजना बिहार के हर कोने से प्रतिभा को आकर्षित करने के लिए बनाई गई है। यदि आप पटना नगर निगम क्षेत्र के बाहर से हैं, तो आपको अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी ताकि आवास और भोजन की चिंता आपकी सीखने की राह में बाधा न बने।
• महिला प्रशिक्षणार्थियों (Women Trainees): पटना नगर निगम क्षेत्र से बाहर की 110 महिला प्रशिक्षणार्थियों को छात्रावास आवंटित होने पर भोजन और अल्पाहार के लिए हर महीने 1 हजार 500 रुपए की अतिरिक्त राशि।
• पुरुष अभ्यर्थी (Male Trainees): आवासीय और भोजन व्यवस्था के लिए हर महीने 2 हजार रुपए की राशि।
यह कदम सुनिश्चित करता है कि यह अवसर केवल राजधानी के निवासियों तक ही सीमित न रहे, बल्कि पूरे बिहार के प्रतिभाशाली युवा इसका लाभ उठा सकें।
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4. चुनने के लिए 18 से ज़्यादा कलाएं, 400 सीटें (Over 18 Crafts to Choose From, 400 Seats)
इस कार्यक्रम में कुल 400 सीटें उपलब्ध हैं और चुनने के लिए बिहार की पारंपरिक कलाओं की एक विस्तृत श्रृंखला है। आप अपनी रुचि के अनुसार किसी भी विधा में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। कुछ प्रमुख कलाओं में शामिल हैं:
• मधुबनी (मिथिला) पेंटिंग
• टिकुली पेंटिंग
• पेपरमैशी शिल्प
• सिक्की कला
• सुजनी शाखा
• मंजुषा पेंटिंग
• काष्ठ तक्षण / काष्ठ खिलौना
यह विविधता न केवल आपको अपनी पसंद का हुनर सीखने का मौका देती है, बल्कि बिहार की समृद्ध और विविध कलात्मक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने में भी मदद करती है।
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5. उम्र की कोई ज़्यादा पाबंदी नहीं: 22 से 45 वर्ष तक के आवेदक योग्य (No Strict Age Barrier: Applicants from 22 to 45 Years are Eligible)
अक्सर सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आयु सीमा काफी सीमित होती है, लेकिन यहाँ ऐसा नहीं है। इस योजना के लिए पात्र आयु सीमा 22 वर्ष से लेकर 45 वर्ष के बीच है।
यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदम है। इसका मतलब है कि यह अवसर सिर्फ उन युवाओं के लिए नहीं है जो अभी अपना करियर शुरू कर रहे हैं, बल्कि उन लोगों के लिए भी है जो अपने करियर के मध्य में हैं और एक नया हुनर सीखना चाहते हैं या अपने किसी पुराने शौक को एक पेशे में बदलना चाहते हैं। यह समावेशी दृष्टिकोण प्रतिभा और जीवन के अनुभव के एक व्यापक पूल का स्वागत करता है।
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एक नज़र में: महत्वपूर्ण जानकारी (At a Glance: Important Information)
• योजना का नाम: Bihar Shilp Craft Art Training
• कुल सीटें: 400
• आवेदन शुरू: 25 नवंबर 2025
• आवेदन की अंतिम तिथि: 25 दिसंबर 2025
• आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन
• आधिकारिक वेबसाइट: https://umsas.org.in/
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आवेदन कैसे करें (How to Apply)
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सीधी और सरल है। नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://umsas.org.in/ पर जाएं।
2. होमपेज पर ‘Apply Now’ टैब में जाएं और ‘Apply as a Student’ के विकल्प पर क्लिक करें।
3. आपके सामने आवेदन पत्र खुल जाएगा। इसमें मांगी गई सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।
4. आवश्यक दस्तावेजों (आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो आदि) को स्कैन करके अपलोड करें।
5. अंत में ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें और अपने रिकॉर्ड के लिए आवेदन स्लिप को डाउनलोड या प्रिंट कर लें।
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निष्कर्ष (Conclusion)
बिहार शिल्प क्राफ्ट आर्ट ट्रेनिंग सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम से कहीं बढ़कर है। यह कौशल विकास, वित्तीय सहायता और आत्मनिर्भरता के लिए एक व्यापक मंच है। यह बिहार के युवाओं को अपनी पारंपरिक कलाओं से जुड़ने और उन्हें अपनी आय का एक स्थायी स्रोत बनाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। अगर आपके अंदर एक कलाकार छिपा है, तो यह उसे बाहर लाने और सम्मानित करने का सही समय है।
इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम बिहार की पारंपरिक कला को पुनर्जीवित करने और युवाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता के नए रास्ते खोलने में कैसे मदद कर सकते 

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