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बिहार पैक्स सदस्यता अभियान 2026

बिहार पैक्स सदस्यता अभियान 2026: 5 बड़े फायदे जो हर किसान को जानने चाहिए
परिचय
बिहार का किसान मेहनत तो पूरी करता है, लेकिन अक्सर सही जानकारी न होने के कारण उन सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं उठा पाता जो सीधे उसके लिए बनी हैं। पंचायत स्तर पर बनी पैक्स (PACS) संस्था खाद-बीज से लेकर धान की बिक्री तक का केंद्र तो है, पर कई किसान अब भी इससे नहीं जुड़ पाए हैं।
इसी समस्या को दूर करने और किसानों को सशक्त बनाने के लिए, बिहार सरकार ने एक विशेष “सहकारी जागरूकता अभियान” शुरू किया है। यह अभियान किसानों के लिए पैक्स का सदस्य बनना पहले से कहीं ज़्यादा आसान बना रहा है। इस पोस्ट का उद्देश्य इसी अभियान से मिलने वाले 5 सबसे महत्वपूर्ण फायदों को उजागर करना है, जिनके बारे में हर किसान को पता होना चाहिए।
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अभियान के 5 प्रमुख लाभ
1. अब ऑनलाइन की झंझट खत्म, सीधे ऑफिस में जमा करें आवेदन
इस अभियान का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब किसान पैक्स सदस्य बनने के लिए अपना आवेदन पत्र सीधे अपने स्थानीय पैक्स कार्यालय में ऑफ़लाइन जमा कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए एक शानदार अवसर है जिनका ऑनलाइन आवेदन किसी कारण से स्वीकृत नहीं हो पाया था।
यह विशेष अभियान 2 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा। यह कदम उन बाधाओं को दूर करता है, जिनके कारण पहले कई किसान सदस्य नहीं बन पाते थे। कई बार ऑनलाइन आवेदन तकनीकी कारणों से अटक जाते थे, तो वहीं कुछ मामलों में स्थानीय स्तर पर जानबूझकर सदस्यता देने में आनाकानी की जाती थी, ताकि अध्यक्ष के चुनाव में वोटिंग को प्रभावित किया जा सके। यह अभियान इस तरह की समस्याओं को समाप्त कर पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
2. सिर्फ सदस्यता नहीं, बैंकिंग और लोन का भी मिलेगा सीधा फायदा
इस अभियान के तहत न केवल सदस्यता दी जा रही है, बल्कि सदस्यों का खाता जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में भी खोला जाएगा। इससे किसानों की सीधी पहुँच बैंकिंग प्रणाली तक हो जाएगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण सुविधा है। इसके माध्यम से पैक्स के सदस्य बने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत बिना किसी गारंटी के ₹1,60,000 तक का लोन मिल सकता है, जो कि इस योजना की मानक सीमा है। यह सुविधा किसानों को साहूकारों के कर्ज के जाल से निकालकर सीधे बैंकिंग प्रणाली से जोड़ती है, जिससे वे अपनी खेती की जरूरतों के लिए सम्मान के साथ संस्थागत ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
3. योजनाओं की पूरी जानकारी: अब कोई किसान अनजान नहीं रहेगा
अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना है ताकि वे उनका पूरा लाभ उठा सकें। अभियान के दौरान निम्नलिखित योजनाओं पर विशेष जानकारी दी जाएगी:
• प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: इसके तहत फसल का बीमा पूरी तरह से मुफ़्त होता है।
• विभागीय योजनाओं की जानकारी: कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही अन्य योजनाओं के बारे में बताया जाएगा।
• नई सहकारी समितियों के गठन हेतु मार्गदर्शन: जो लोग नई समितियाँ बनाना चाहते हैं, उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
• विशेष समूहों को प्रोत्साहन: इस अभियान का एक लक्ष्य प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों जैसे विशेष समूहों में भी सदस्यता को बढ़ावा देना है।
इस अभियान के मुख्य उद्देश्य को IPRD के ट्वीट में स्पष्ट रूप से बताया गया है:
“सभी किसान अभियान में सक्रिय भागीदारी लें और सहकारी संस्थाओं से जुड़कर सहकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।”
4. कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की सेवाएं अब आपके पंचायत में
इस अभियान के तहत पैक्स कार्यालयों को आधुनिक बनाया जा रहा है। अब इन्हें कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की सेवाओं से भी जोड़ा जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो पैक्स को केवल कृषि केंद्र से आगे बढ़ाकर एक डिजिटल और बहु-सेवा केंद्र में बदल रहा है। इसका सीधा मतलब है कि अब किसानों को आय प्रमाण पत्र बनवाने, बिजली बिल जमा करने, या किसी अन्य सरकारी फॉर्म को ऑनलाइन भरने जैसे कामों के लिए ब्लॉक या शहर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह सारी सुविधाएं अब उनके अपने पंचायत के पैक्स कार्यालय में ही मिल जाएंगी।
5. सदस्यता के लिए पात्रता: कौन बन सकता है सदस्य?
पैक्स का सदस्य बनने के लिए पात्रता मानदंड बहुत सरल रखे गए हैं। यदि आप नीचे दी गई शर्तों को पूरा करते हैं, तो आप आवेदन कर सकते हैं:
• आपकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी हो।
• आप किसी दूसरे पैक्स के सदस्य न हों।
• आप संबंधित पंचायत के निवासी होने चाहिए।
• आपके खिलाफ कोई FIR या आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए।
हालांकि ऑनलाइन आवेदन का विकल्प भी उपलब्ध है (जिसकी प्रक्रिया shabdu.com जैसी वेबसाइटों पर देखी जा सकती है), लेकिन इस विशेष अभियान के तहत ऑफ़लाइन आवेदन प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक किसान आसानी से जुड़ सकें।
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निष्कर्ष
संक्षेप में, यह सहकारी जागरूकता अभियान किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। यह आसान ऑफ़लाइन आवेदन, बैंकिंग और लोन के माध्यम से वित्तीय समावेशन, और सरकारी योजनाओं के बारे में बेहतर जागरूकता जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है। यह अवसर किसानों को सहकारी आंदोलन से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अब सोचने वाली बात यह है: “क्या यह अभियान वास्तव में बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी समितियों की शक्ति को फिर से परिभाषित करेगा और किसानों को सशक्त बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा?”

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