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🚨 Urgent Update for Bihar Farmers: 4-Day Special Drive

बिहार के सभी किसान भाइयों के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना है। आप सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी सरकारी योजनाएं आपकी खेती-किसानी में कितना बड़ा सहारा देती हैं। लेकिन अब इन योजनाओं का लाभ लगातार पाते रहने के लिए बिहार सरकार के कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक नया और अनिवार्य नियम लागू किया है। इसके तहत सभी किसानों को एक “फार्मर आईडी” बनवानी होगी। यह आईडी क्या है, यह क्यों जरूरी है, और इसे बनवाने के लिए आपके पास केवल 4 दिन क्यों हैं? घबराएं नहीं, यह लेख आपको इस पूरी प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझने में मदद करेगा ताकि आप किसी भी सरकारी लाभ से वंचित न रह जाएं।
मुख्य बातें: 5 महत्वपूर्ण टेकअवे
1. फार्मर आईडी: यह क्या है और यह अचानक क्यों जरूरी हो गया?
सरल शब्दों में, यह बिहार के हर किसान के लिए एक “डिजिटल पहचान” है, जिसे आधिकारिक तौर पर “फार्मर रजिस्ट्री आईडी” कहा जा रहा है। कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार, यह आईडी अब अनिवार्य कर दी गई है। इसका मतलब है कि अगर आप कृषि विभाग की किसी भी योजना, विशेषकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं या लेना चाहते हैं, तो आपको यह आईडी बनवानी ही होगी। इसके बिना भविष्य में योजनाओं का पैसा मिलना बंद हो सकता है।
सशक्त एवं समृद्ध किसान बिहार की पहचान फार्मर रजिस्ट्री किसानों की डिजिटल पहचान
2. सबसे बड़ा आश्चर्य: प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं, ऑफलाइन है!
आज के डिजिटल युग में यह जानकारी आपको हैरान कर सकती है, लेकिन फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन है। सरकार ने अभी तक कोई भी ऐसा ऑनलाइन पोर्टल जारी नहीं किया है जिससे किसान खुद घर बैठे अपना फार्मर आईडी बना सकें। इसका मतलब है कि आपको यह काम करवाने के लिए संबंधित सरकारी कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना होगा।
3. कहाँ और किससे संपर्क करें?
फार्मर आईडी बनवाने के लिए आपको कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने क्षेत्र के निम्नलिखित अधिकारियों या कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं:
• किसान सलाहकार
• कृषि समन्वयक
• हल्का कर्मचारी
इनमें से किसी के भी पास जाकर आप अपनी फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया शुरू करवा सकते हैं।
समस्या होने पर क्या करें?
यदि आपको स्थानीय स्तर पर संपर्क करने में कोई समस्या आती है या आपका काम नहीं हो पा रहा है, तो आप इन उच्च अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं:
• जिला कृषि पदाधिकारी
• अनुमंडल कृषि पदाधिकारी
• प्रखंड कृषि पदाधिकारी
4. सिर्फ 3 दस्तावेज़ों की ज़रूरत: जाने से पहले इन्हें तैयार रखें
जब आप फार्मर आईडी बनवाने जाएं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी जरूरी कागजात तैयार हों ताकि आपका काम एक ही बार में हो जाए। आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
1. आधार कार्ड
2. एक मोबाइल नंबर
3. ज़मीन के कागज़ात: सबसे बेहतर है कि आप अपनी ज़मीन की ऑनलाइन जमाबंदी का प्रिंट-आउट साथ ले जाएं, खासकर अगर ज़मीन आपके नाम पर है।
5. अभी करें कार्रवाई: केवल 4 दिनों का विशेष अभियान!
इस काम में बिल्कुल भी देरी न करें क्योंकि सरकार इसे बनवाने के लिए एक “विशेष अभियान” चला रही है जो केवल सीमित समय के लिए है। यह विशेष अभियान सिर्फ चार दिनों तक चलेगा। ये तारीखें हैं:
6 जनवरी, 7 जनवरी, 8 जनवरी, और 9 जनवरी
इन तारीखों के भीतर अपने नजदीकी किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक या हल्का कर्मचारी से संपर्क करके अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवा लें।
निष्कर्ष: आगे की राह
संक्षेप में, बिहार के सभी किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवाना अब अनिवार्य है। यह प्रक्रिया ऑफलाइन है और इसके लिए आपको अपने आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जमीन के कागजात के साथ अपने स्थानीय किसान सलाहकार या संबंधित कर्मचारी से मिलना होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान केवल 6 से 9 जनवरी तक ही है।
समय बहुत कम है। यह कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक विशेष अभियान है जो फिर नहीं आएगा। आज ही अपने दस्तावेज़ उठाएं और अपने नजदीकी अधिकारी से संपर्क करें ताकि आपका हक़ बना रहे।
अब सवाल यह उठता है कि, “क्या यह नई डिजिटल पहचान भविष्य में बिहार के किसानों के लिए सरकारी योजनाओं तक पहुंच को और भी सरल बना देगी?”

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