ntroduction: A Ray of Hope for Farmers
अक्टूबर 2025 में हुई भारी बारिश, बाढ़ और तूफ़ान ने हमारे कई किसान भाई-बहनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जब खड़ी फसल बर्बाद हो जाती है, तो किसान की कमर टूट जाती है। इसी मुश्किल घड़ी में सहारा देने के लिए बिहार सरकार “कृषि इनपुट अनुदान योजना” लेकर आई है। यह योजना प्रभावित किसानों को सीधी आर्थिक मदद पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस लेख का उद्देश्य इस योजना की सबसे ज़रूरी जानकारी को 5 सरल हिस्सों में बाँटना है, ताकि हर प्रभावित किसान इसे आसानी से समझ सके और समय पर इसका लाभ उठा सके।
1. यह लाभ क्यों और किसे मिल रहा है?
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि यह योजना सभी के लिए नहीं है। यह एक विशेष राहत उपाय है जो केवल उन किसानों के लिए है जिनकी फसल अक्टूबर 2025 में हुई भारी बारिश (अतिवृष्टि), बाढ़ और तूफ़ान के कारण बर्बाद हुई है।
यह लाभ केवल 12 चुनिंदा जिलों के 39 प्रखंडों के अंतर्गत आने वाली 397 पहले से चिन्हित पंचायतों के किसानों को ही मिलेगा। इन जिलों की सूची नीचे दी गई है:
• बेगूसराय
• पूर्वी चंपारण
• कैमूर
• मधुबनी
• किशनगंज
• गयाजी
• भोजपुर
• मधेपुरा
• दरभंगा
• मुजफ्फरपुर
• शिवहर
• सुपौल
2. पात्रता की सबसे बड़ी शर्त: 33% से ज़्यादा नुकसान
इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि किसान की फसल का नुकसान 33% या उससे अधिक होना चाहिए। यह एक बेहद ज़रूरी बिंदु है। जिन किसानों को 33% से कम का नुकसान हुआ है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मदद उन तक पहुँचे जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।
3. आपको कितना पैसा मिल सकता है?
सरकार द्वारा दी जाने वाली मुआवज़े की राशि सभी के लिए एक समान नहीं है। यह आपकी ज़मीन के प्रकार और उस पर लगी फसल पर निर्भर करती है। साथ ही, छोटे किसानों की मदद के लिए एक न्यूनतम अनुदान राशि भी तय की गई है। दरें इस प्रकार हैं:
• असिंचित भूमि (Unirrigated Land): ₹8,500 प्रति हेक्टेयर (न्यूनतम अनुदान ₹1000)
• सिंचित भूमि (Irrigated Land): ₹17,000 प्रति हेक्टेयर (न्यूनतम अनुदान ₹2000)
• गन्ना की फसल (Sugarcane Crop): ₹2,500 प्रति हेक्टेयर (न्यूनतम अनुदान ₹2500)
न्यूनतम अनुदान का प्रावधान यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि छोटे से छोटे किसान को भी, जिनकी जोत कम है, एक सार्थक और उपयोगी राशि प्राप्त हो सके। यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि यह अनुदान प्रत्येक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए ही दिया जाएगा।
4. आवेदन का सरल तरीका
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है, जिसे आप कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरा कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ आपकी किसान पंजीकरण संख्या (Kisan Panjikaran Sankhya) है।
हमारा सुझाव है कि आवेदन करने से पहले आप आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पात्र पंचायतों की सूची ज़रूर देख लें, ताकि यह पक्का हो सके कि आपका गाँव इस योजना में शामिल है या नहीं।
5. आख़िरी तारीख पर दें विशेष ध्यान
किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए समय-सीमा का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी होता है। इस अनुदान के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि पर विशेष ध्यान दें। आपको अपना आवेदन हर हाल में 2 दिसंबर 2025 से पहले जमा करना होगा। देर होने पर आप इस अवसर से चूक सकते हैं।
Conclusion: Don’t Miss This Opportunity
कृषि इनपुट अनुदान योजना प्रभावित किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण और समयबद्ध अवसर है। यह मुश्किल समय में एक बड़ी आर्थिक राहत प्रदान कर सकती है। यदि आप ऊपर बताए गए 12 जिलों में से हैं और आपकी फसल को 33% से अधिक का नुकसान हुआ है, तो पात्रता की जाँच करें और अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
अगर आप इन 12 जिलों में से हैं और आपकी फसल को नुकसान हुआ है, तो क्या आप इस सरकारी मदद के लिए आवेदन करने के लिए तैयार