Introduction
बिहार सरकार ने हाल ही में ‘सात निश्चय-3’ के रूप में एक बड़ी घोषणा की है, जो आने वाले वर्षों में राज्य की दिशा और दशा तय कर सकती है। यह घोषणाएं माननीय मुख्यमंत्री द्वारा अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा की गईं, जो आने वाले 5 वर्षों के लिए सरकार के एक्शन प्लान को दर्शाती हैं। यह योजना सरकार की ‘सात निश्चय-2’ की पिछली पहलों को आगे बढ़ाते हुए एक नए और अधिक महत्वाकांक्षी चरण की शुरुआत करती है। यह लेख इन घोषणाओं में से 7 सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली वादों को सरल भाषा में समझाएगा ताकि हर कोई जान सके कि आने वाले वर्षों में बिहार में क्या बदलने वाला है।
——————————————————————————–
The 7 Core Promises of Nischay-3
1. दोगुनी रोजगार, दोगुनी आय: युवाओं के लिए एक नई सुबह
लक्ष्य: इस निश्चय का मुख्य लक्ष्य बिहार के हर नागरिक की आय को बढ़ाना है। सरकार ने 2025 से 2030 के बीच प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
योजना का विवरण:
• आगामी 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य है।
• युवाओं के कौशल विकास और रोजगार पर विशेष ध्यान देने के लिए एक अलग ‘युवा रोजगार व कौशल विकास विभाग’ का गठन किया जाएगा।
• महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मौजूदा ‘महिला रोजगार योजना’ को और मजबूत किया जाएगा और उसका विस्तार किया जाएगा।
यह घोषणा बिहार के उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की एक नई किरण है जो बेहतर अवसरों के लिए राज्य से बाहर जाने को मजबूर होते हैं। यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह न केवल युवाओं को राज्य में ही रोकेगी, बल्कि पलायन जैसी गंभीर समस्या को कम करने में भी मदद करेगी।
2. समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार: पूर्वी भारत का ‘टेक हब’ बनने की महत्वाकांक्षी योजना
लक्ष्य: इस निश्चय का दृष्टिकोण बेहद महत्वाकांक्षी है, जिसमें बिहार को पूर्वी भारत का ‘टेक हब’ बनाने का सपना देखा गया है। इसका उद्देश्य राज्य में औद्योगिक क्रांति लाना है।
प्रमुख कार्य:
• निजी निवेश को आकर्षित कर 50 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
• राज्य में बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को फिर से शुरू किया जाएगा और साथ ही 25 नई चीनी मिलें स्थापित की जाएंगी।
• छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक MSME निदेशालय और विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना की जाएगी।
औद्योगिक विकास और तकनीकी प्रगति केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की कुंजी नहीं हैं, बल्कि ये बिहार की ‘कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था’ वाली छवि को बदलकर इसे एक आधुनिक ‘सेवा और उत्पादन हब’ के रूप में स्थापित कर सकते हैं। चीनी मिलों का पुनरुद्धार ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार पैदा करेगा, जबकि टेक हब शहरी युवाओं को वे अवसर प्रदान करेगा जिनके लिए वे अब तक राज्य से पलायन करते थे।
3. कृषि में प्रगति, प्रदेश की समृद्धि: किसानों के लिए एक मजबूत सहारा
लक्ष्य: सरकार चौथे कृषि रोड मैप (2024-29) के माध्यम से कृषि क्षेत्र को आधुनिक और लाभदायक बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
प्रमुख क्षेत्र:
• मुख्य फसलें: मखाना, डेयरी (दुग्ध उत्पादन) और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।
• बुनियादी ढाँचा: हर गाँव में दूध समिति की स्थापना की जाएगी और हर पंचायत में एक सुधा केंद्र खोला जाएगा।
• सिंचाई: हर खेत की सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था सरकार करने वाली है।
ये कदम बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती प्रदान कर सकते हैं। किसानों की आय में वृद्धि और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने से गाँवों में समृद्धि आएगी।
4. उन्नत शिक्षा, उज्जवल भविष्य: ज्ञान का नया केंद्र बनेगा बिहार
लक्ष्य: इस निश्चय के तहत बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने के लिए दो बड़े वादे किए गए हैं।
प्रमुख पहल:
• सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: राज्य के पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
• एजुकेशन सिटी: राज्य में एक नई ‘एजुकेशन सिटी’ का निर्माण किया जाएगा, जहाँ छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा और सुविधाएं मिलेंगी।
बेहतर शिक्षा सुविधाएं किसी भी समाज की नींव होती हैं। ये पहल न केवल बिहार के युवाओं को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करेंगी, बल्कि यह राज्य को ज्ञान और नवाचार के एक नए केंद्र के रूप में भी स्थापित करेंगी। एक ‘एजुकेशन सिटी’ और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का निर्माण सीधे तौर पर रोजगार बढ़ाने और पलायन रोकने के लक्ष्य से जुड़ा है, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में विश्व स्तरीय अवसर मिल सकेंगे।
5. सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन: हर नागरिक तक बेहतर इलाज
लक्ष्य: इस निश्चय का उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण करना है ताकि हर नागरिक को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सके। इस योजना के तहत, जिला अस्पतालों को ‘सुपर स्पेशलिस्ट’ और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को ‘स्पेशलिस्ट’ केंद्रों के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।
अन्य प्रमुख बिंदु:
• निजी क्षेत्र की भागीदारी (PPP मोड) से नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
• दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में सेवा देने वाले डॉक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा ताकि वहाँ डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जा सके।
सुलभ और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे तौर पर आम नागरिक के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाती हैं। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को राज्य से बाहर न जाना पड़े।
6. मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार: नए बिहार की नई तस्वीर
लक्ष्य: सरकार बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि बिहार को एक आधुनिक और सुविकसित राज्य बनाया जा सके।
प्रमुख परियोजनाएं:
• नए और आधुनिक शहरों का निर्माण किया जाएगा और शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
• राज्य की कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए 5 नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे और ग्रामीण सड़कों को टू-लेन में बदला जाएगा।
• पर्यटन और मनोरंजन को बढ़ावा देने के लिए एक सोलर पर्यटन सर्किट और एक फिल्म सिटी का निर्माण किया जाएगा।
• पटना में एक वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स सिटी की स्थापना की जाएगी।
ये 5 एक्सप्रेसवे केवल शहरों को नहीं जोड़ेंगे; ये कृषि उपज को बाजारों तक, श्रमिकों को उद्योगों तक, और छात्रों को नई एजुकेशन सिटी तक पहुंचाने वाले आर्थिक गलियारे बनेंगे। ये परियोजनाएं बिहार को निवेश और पर्यटन के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित कर सकती हैं।
7. सबका समान जीवन आसान: टेक्नोलॉजी से सुशासन तक
लक्ष्य: इस अंतिम निश्चय का सार टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का उपयोग करके आम लोगों के जीवन को आसान बनाना और सुशासन को बढ़ावा देना है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और अधिक संवेदनशील बनाना है ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।
——————————————————————————–
Conclusion
कुल मिलाकर, सात निश्चय-3 योजना बिहार के विकास के लिए एक व्यापक और महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत करती है, जिसमें रोजगार, उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। सरकार का इरादा स्पष्ट है, जैसा कि उनके इस कथन से झलकता है:
“न्याय के साथ विकास अब सिर्फ नारा नहीं एक्शन प्लान बन चुका है। अब सबकी नजर क्रियान्वयन पर है। बिहार आगे बढ़ रहा है।”
अब देखने वाली बात यह होगी कि इन वादों को जमीन पर कितनी प्रभावी ढंग से उतारा जाता है। इन सभी घोषणाओं में से आपको कौन सी घोषणा बिहार के भविष्य के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण लगती है? अपनी राय कमेंट्स में जरूर बताएं।
Important Link
| Answer Key | Official Website |
| Sarkari Yojna | Home Page |
| What’s App | Telegram |