बिहार के प्राइवेट स्कूल में अपने बच्चे का एडमिशन मुफ्त में कराएं: ज्ञानदीप पोर्टल की 5 सबसे ज़रूरी बातें जो आपको जाननी चाहिए
परिचय: एक सपना जो अब सच हो सकता है
हर माता-पिता का एक सपना होता है – अपने बच्चे को सबसे अच्छी शिक्षा देना, एक ऐसे प्राइवेट स्कूल में जहाँ उसे भविष्य के लिए बेहतरीन अवसर मिलें। लेकिन अक्सर अच्छे स्कूलों की भारी-भरकम फीस इस सपने के आड़े आ जाती है। लेकिन क्या हो अगर मैं आपसे कहूँ कि आपके बच्चे के लिए बिहार के बेहतरीन प्राइवेट स्कूलों के दरवाज़े खुल सकते हैं, और वो भी बिना किसी फीस के? जी हाँ, बिहार सरकार का ‘ज्ञानदीप पोर्टल’ आपके लिए यही सुनहरा अवसर लेकर आया है। यह एक ऐसा शक्तिशाली समाधान है जो आपके इस सपने को सच कर सकता है। आइए जानते हैं कि यह कैसे काम करता है और वो 5 सबसे ज़रूरी बातें क्या हैं जो आपको पता होनी चाहिए।
प्रमुख बातें
1. यह कोई एहसान नहीं, आपका अधिकार है: 25% सीटों का नियम
सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह समझना है कि यह कोई सरकारी दान या किसी स्कूल का एहसान नहीं है, बल्कि आपके बच्चे का कानूनी अधिकार है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) के तहत, बिहार के सभी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपनी शुरुआती कक्षा (Class 1) की 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित रखें। ज्ञानदीप पोर्टल इसी अधिकार को सच करने का एक माध्यम है।
हर विद्यालय में जो मान्यता प्राप्त विद्यालय होता है ना वहां पर 25% जो सीटें होती है वैसे बच्चों के लिए ही रखा जाता है जिनके अभिभावक गरीबी रेखा से नीचे आते हैं और वह प्राइवेट स्कूल का फी नहीं पे कर पाते हैं।
2. कौन आवेदन कर सकता है? पात्रता जितनी आप सोचते हैं उससे कहीं ज़्यादा है
कई लोग यह सोचकर आवेदन नहीं करते कि वे शायद पात्र नहीं होंगे, लेकिन इसकी पात्रता का दायरा काफी बड़ा है। आवेदन करते समय आपको सही समूह चुनना होता है। एक ज़रूरी सलाह यह है कि आप अपनी आय और जाति के अनुसार सही समूह का चुनाव करें:
• आपको ‘कमजोर वर्ग’ चुनना है अगर: आप किसी भी जाति या समुदाय से हैं और आपके परिवार की कुल सालाना आय ₹2 लाख से कम है।
• आपको ‘अलाभकारी समूह’ चुनना है अगर: आप अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (BC), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) या अल्पसंख्यक समूह से हैं और आपके परिवार की कुल सालाना आय ₹1 लाख तक है।
इसके अलावा, अनाथ बच्चे भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। बच्चे की आयु 1 अप्रैल 2026 तक 6 वर्ष पूरी होनी चाहिए, यानी बच्चे का जन्म 2 अप्रैल 2018 से 1 अप्रैल 2020 के बीच हुआ हो।
3. स्कूल से नज़दीकी है सबसे ज़रूरी: 1 किलोमीटर का प्राथमिकता नियम
चयन प्रक्रिया में बच्चे के घर से स्कूल की दूरी सबसे महत्वपूर्ण कारक है। नियम के अनुसार, उन बच्चों को सबसे पहले प्राथमिकता दी जाएगी जो अपने चुने हुए स्कूल के 1 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। एक ज़रूरी सलाह जो आपके बहुत काम आएगी, वह यह है कि जब आप फॉर्म में स्कूल चुनेंगे, तो आपको हर स्कूल के लिए दूरी की श्रेणी (1 किलोमीटर के अंदर, 1-3 किलोमीटर के बीच, आदि) का चुनाव खुद करना होगा। इसलिए, अपने घर के सबसे पास के स्कूलों को चुनना और उनके लिए ‘1 किलोमीटर के अंदर’ का विकल्प चुनना आपके बच्चे के चयन की संभावना को सबसे ज़्यादा बढ़ाएगा।
4. चयन लॉटरी से होता है, ‘पहले आओ, पहले पाओ’ से नहीं
अक्सर सरकारी योजनाओं में लोगों को लगता है कि जो पहले आवेदन करेगा, उसका काम पहले होगा। लेकिन ज्ञानदीप पोर्टल पर ऐसा बिल्कुल नहीं है। सभी पात्र आवेदनों के जमा होने के बाद, बच्चों का चयन एक पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी ‘ऑनलाइन लॉटरी’ (Randomization) प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। इसका मतलब है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक आवेदन करने वाले हर योग्य बच्चे के पास चुने जाने का बराबर मौका होता है। इसलिए, आवेदन करने में जल्दबाज़ी करने की ज़रूरत नहीं है, बस यह सुनिश्चित करें कि आप सभी जानकारी सही-सही भरें।
5. आवश्यक दस्तावेज़: बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है!
एक आम गलती जो माता-पिता करते हैं, वह यह सोचकर चिंतित होना है कि उनके बच्चे का आधार कार्ड नहीं है तो वे आवेदन नहीं कर सकते। यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। ज्ञानदीप पोर्टल पर आवेदन के लिए बच्चे का आधार कार्ड होना अनिवार्य नहीं है; यह वैकल्पिक है।
हालांकि, कुछ अन्य दस्तावेज़ ज़रूरी हैं:
• जन्म तिथि का प्रमाण: इसके लिए आप जन्म प्रमाण पत्र, अस्पताल का रिकॉर्ड, आंगनवाड़ी का रिकॉर्ड, या माता-पिता द्वारा दिया गया एक घोषणा पत्र भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
• निवास प्रमाण पत्र: अगर आपके पास निवास प्रमाण पत्र नहीं है, तो घबराएं नहीं। आप इसकी जगह ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, बिजली का बिल, या वोटर आईडी कार्ड जैसे दस्तावेज़ भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
• अन्य दस्तावेज़: आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), बच्चे का एक रंगीन फोटो और माता-पिता (या अभिभावक) का आधार कार्ड।
निष्कर्ष: एक कदम बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की ओर
ज्ञानदीप पोर्टल बिहार के लाखों माता-पिता के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहते हैं। यह सिर्फ एक फॉर्म भरने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का एक मौका है। आवेदन प्रक्रिया 2 जनवरी 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक चलेगी।
यह भी ध्यान रखें कि ऑनलाइन लॉटरी में नाम आने के बाद, आपको अपने सभी दस्तावेज़ों का सत्यापन संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (Block Education Officer) के कार्यालय में करवाना होगा, जिसके बाद ही स्कूल में नामांकन की प्रक्रिया पूरी होगी।
क्या यह जानकारी आपके या आपके किसी जानने वाले के बच्चे का भविष्य बदल सकती है? इस अवसर को हाथ से न जाने दें।
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