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Bihar Police ASI New Vacancy 2026-

बिहार पुलिस की नई ‘रेडियो दरोगा’ भर्ती: 5 अहम बातें जो फॉर्म भरने से पहले जानना ज़रूरी है
परिचय
बिहार पुलिस में एक बिलकुल नई और अनोखी भर्ती आई है, जो सामान्य दरोगा भर्ती से काफी अलग है। यह ‘रेडियो दरोगा’ या सहायक अवर निरीक्षक (Assistant Sub-Inspector) का एक विशेष तकनीकी पद है, जो उन उम्मीदवारों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है जिनके पास विशिष्ट शैक्षणिक योग्यता है।
कुल 462 पदों पर निकली इस भर्ती के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से शुरू होती है और कुछ शारीरिक मानक भी निर्धारित किए गए हैं। लेकिन इन सामान्य जानकारियों के अलावा, 5 ऐसी रणनीतिक बातें हैं जो इस भर्ती की पूरी तैयारी का नजरिया बदल सकती हैं। यह लेख आपको सिर्फ जानकारी नहीं देगा, बल्कि उन छिपे हुए पहलुओं को उजागर करेगा जिन्हें अधिकतर उम्मीदवार नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
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1. यह सामान्य स्नातक भर्ती नहीं, बल्कि भौतिकी (Physics) विशेषज्ञों के लिए एक विशेष अवसर है
सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात यह है कि यह कोई सामान्य स्नातक स्तरीय भर्ती नहीं है। इस पद के लिए एक बहुत ही विशिष्ट शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है, जो इसे अकादमिक विशेषज्ञों के लिए केंद्रित बनाती है।
• मुख्य योग्यता: इस पद के लिए आवेदन करने की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से भौतिकी (Physics) विषय के साथ विज्ञान में स्नातक (B.Sc.) है।
• अंकों की अनिवार्यता: सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए स्नातक में न्यूनतम 50% अंक होना आवश्यक है। वहीं, अनुसूचित जाति/जनजाति के उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 45% अंक है।
यह नियम इस भर्ती को उन उम्मीदवारों के लिए एक असाधारण अवसर बनाता है जिनकी भौतिकी में मजबूत पकड़ है। यह सामान्य भर्तियों की भीड़ से अलग एक विशिष्ट मौका है, जहाँ आपकी अकादमिक विशेषज्ञता ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए, यदि आपकी भौतिकी में स्नातकोत्तर डिग्री (M.Sc.) है या आपने इस विषय में गहन अध्ययन किया है, तो आप अन्य उम्मीदवारों पर एक निर्णायक बढ़त रखते हैं।
2. बिहार की भर्ती, लेकिन आवेदन पूरे भारत से कर सकते हैं
अक्सर राज्य स्तरीय भर्तियों में निवास स्थान की शर्त होती है, लेकिन इस भर्ती में ऐसा नहीं है। अधिसूचना के अनुसार, इस पद के लिए पात्रता “भारतीय नागरिक” होना है, जो एक बहुत महत्वपूर्ण जानकारी है।
“तो इसका मतलब ऑल इंडिया से जो कैंडिडेट है फॉर्म को अप्लाई कर सकता है यह ध्यान रखिएगा”
यह एक बहुत बड़ी बात है क्योंकि यह देश भर के योग्य उम्मीदवारों के लिए बिहार पुलिस में सेवा करने का एक नया दरवाजा खोलता है। हालांकि, इसका एक प्रभाव यह भी है कि प्रतियोगिता का स्तर बढ़ेगा, क्योंकि अब आपका मुकाबला सिर्फ बिहार के उम्मीदवारों से नहीं, बल्कि पूरे देश के योग्य उम्मीदवारों से होगा।
3. आपकी अंतिम मेरिट लिस्ट सिर्फ एक पेपर पर निर्भर करती है
यह इस भर्ती का सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक पहलू है जिसे हर गंभीर उम्मीदवार को समझना चाहिए। चयन प्रक्रिया के कई चरण हैं, लेकिन आपका अंतिम चयन सिर्फ एक ही पेपर पर टिका है।
चयन प्रक्रिया का ढाँचा इस प्रकार है:
• चरण 1: प्रारंभिक परीक्षा (क्वालिफाइंग)
• चरण 2: मुख्य परीक्षा
    ◦ प्रश्न पत्र I – भाषा ज्ञान (क्वालिफाइंग)
    ◦ प्रश्न पत्र II – भौतिकी (मेरिट इसी से बनेगी)
• चरण 3: शारीरिक दक्षता परीक्षा (क्वालिफाइंग)
अंतिम मेरिट सूची केवल मुख्य परीक्षा के द्वितीय प्रश्न पत्र (स्नातक स्तरीय भौतिकी) में प्राप्त अंकों के आधार पर ही तैयार की जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि आपको अपनी तैयारी का 70-80% समय और ऊर्जा केवल स्नातक-स्तरीय भौतिकी पर केंद्रित करनी चाहिए। भाषा ज्ञान और शारीरिक परीक्षा के लिए न्यूनतम योग्यता स्तर की तैयारी ही पर्याप्त है, क्योंकि अंततः आपका चयन सिर्फ और सिर्फ भौतिकी में आपका प्रदर्शन ही सुनिश्चित करेगा।
4. शारीरिक परीक्षा अनिवार्य है, पर इसके नंबर नहीं जुड़ेंगे
चूंकि यह एक पुलिस भर्ती है, इसलिए इसमें शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) भी शामिल है। पुरुष और महिला उम्मीदवारों को दौड़ (पुरुषों के लिए 1.6 किमी, महिलाओं के लिए 1 किमी), ऊंची कूद, लंबी कूद और गोला फेंक जैसी परीक्षाओं को पास करना होगा। लेकिन यहाँ एक रणनीतिक स्पष्टता रखना आवश्यक है।
“इसका आपको अलग से कोई अंक नहीं मिलेगा लेकिन इसमें सफल होना अनिवार्य है ये आपको ध्यान रखना है”
यह परीक्षा पूरी तरह से क्वालिफाइंग है। इसका अर्थ है कि आपको शारीरिक रूप से फिट होना और इन परीक्षणों को पास करना अनिवार्य है, लेकिन इसमें असाधारण प्रदर्शन करने से आपको कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिलेंगे। इसे एक चेकलिस्ट आइटम की तरह मानें—इसे पूरा करना है, लेकिन इस पर अपनी अकादमिक ऊर्जा बर्बाद नहीं करनी है। आपका असली रणक्षेत्र भौतिकी का पेपर है।Bihar Police ASI New Vacancy 2026-
5. हर गलत जवाब की कीमत चुकानी होगी: नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान
इस भर्ती में तुक्का लगाना आपको महंगा पड़ सकता है। प्रारंभिक और मुख्य, दोनों लिखित परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान है। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.20 अंक की कटौती की जाएगी। (नोट: स्रोत में इसे ‘.2.0 अंक’ के रूप में उल्लेखित किया गया है, जिसका सामान्यतः अर्थ 0.20 होता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम पुष्टि के लिए आधिकारिक अधिसूचना देखें।)
इस नियम का सीधा संदेश है: सटीकता को प्राथमिकता दें। यदि आप किसी उत्तर को लेकर 100% निश्चित नहीं हैं, तो अनुमान लगाने से बचें, क्योंकि यह आपके कुल स्कोर को नीचे गिरा सकता है। यह ध्यान रखें कि जब अंतिम मेरिट सूची केवल आपके भौतिकी के पेपर पर निर्भर करती है (जैसा कि बिंदु 3 में बताया गया है), तो इस पेपर में नेगेटिव मार्किंग का होना हर एक प्रश्न को और भी महत्वपूर्ण बना देता है। यहाँ सटीकता गति से अधिक मायने रखेगी।
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निष्कर्ष
बिहार पुलिस की यह ‘रेडियो दरोगा’ भर्ती अकादमिक रूप से मजबूत, विशेषकर भौतिकी के छात्रों के लिए एक असाधारण अवसर है। यह सामान्य प्रतियोगी परीक्षाओं की भीड़ से अलग एक ऐसा रास्ता प्रदान करती है, जहाँ आपकी विषय विशेषज्ञता को सीधी वरीयता दी गई है। चयन प्रक्रिया की स्पष्टता, जहाँ मेरिट सिर्फ एक विषय पर आधारित है, इसे उन उम्मीदवारों के लिए और भी खास बनाती है जो अपनी अकादमिक ताकत पर भरोसा करते हैं।
क्या आप इस अनूठे और तकनीकी पद के लिए अपनी भौतिकी की विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए तैयार हैं?

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